garhwali kavya

कुछ तुमुन

कुछ तुमुन फरकै, कुछ मि फरकोलु. कुछ तुमुन सनकै, कुछ मि सनकोलु. कुछ तुमुन चितै, कुछ मि चितोलु. कुछ तुमुन बिंगै, कुछ मि बिंगोलु. कुछ… Read More »कुछ तुमुन

अन्वार

स्वांणी मुखड़ी फ्योलीं जन चार। कजर्याली आंखी जन ब्वे की चार। जिदेर जिकुड़ी अर् बालू मन। सच्ची ब्वोला! कैंकि ह्वेली ईं पर अन्वार।    … Read More »अन्वार