Dear नयी-नयी ब्योंली

Dear Nayi-Nayi Byonli,

Dear नयी-नयी ब्योंली, जरा मुखड़ी दिखा बल् कन्न स्वांणी ह्वेलि. नई ब्योंली कु डोला जनि चौक मा आई, देखदारों की धौंड़ी लम्बी ह्वे ग्याई। गौं कि बेटी ब्वार्यूं का जिकुड़ा मा कौ-बौ हौंण लैग्ये किलै कि नयी ब्योंलि अपणु घुंगटा उंठौण लैग्ये। बल नयी ब्योंलि देखण की हभणाट सभ्यूं का जिकुणा मा रोंदु। फिर चै ऊजु सौरा ज्यू हो। जिठाणु हो या दयूर हो। जु भी हो पर वीं स्वांणी अन्वार थैं सभि अपणा आंख्यून एक बार जरूर भैंटण चांदा।…………!

नयीं ब्योंली देखुणु कु सभ्यूं कु अपणु-अपणु सुभौ होंन्दू। गौं ख्वौला की दादी, जिठांण अर् दयूरांण जै ढंग से नयी ब्योंली थै अल्योखदन ह्वे ढंग से त् क्वी नि देखुदु।  क्वी गौंणा पाता देखिकी बौले जांदी त् क्वी मुखडे की अन्वार देखिकी पच्छांण लांदी अर् रूप कु गुणगान यन्न लगौन्दी जन्न बसंत मैनों मा डाली फुलार लांदी।………………..!………… अर् नयी ब्योंली कैका रिश्ता मा ह्वैलि त् सग्वोरा भारा यन् बांचिदि की नयी ब्योंलि थैं अपणा बारा मा भी इथ्या पता नि रौन्दु. एक-द्वी चाची बौडी गौं ख्वौला मा यन्न जरूर ह्वौंन्दिन जु ब्वोदिन कि ब्योंलि कु मुखुडू बड़ु चा, नाक लम्बू चा, गौंणा पाता भी कुछ खास नि छन्न जमणा, स्वांणि भि कुछ ज्यादा नीचा, दुन्या भरौ कु क्रीम पौडर चा लीप्यूं मुखणा पर, लैंहगा भि नी जमुणु कुज्यांणि क्या-क्या, नयी ब्योंलि थैं नौ रखणं मा पिच्छने नि रौन्दिन् गौं कि ब्येटि ब्वारी भी.

पर् यूं सभ्यूं से अलग हौन्दा दयूर, जु बौजी तारीफ सामणी नि करदा पर जनि भैजी दगणा जान्दा त् खूब मस्का लगौन्दा। अर् जै दयूरा कि बौजी दगणा जांण पच्छांण हो सु जै माला से लेकर ब्येदि मा फेरा हौंणा बाद अर् चौक मा डौला ल्योंण तक बौजी कु खास दयूर रौन्दु बण्यूं, बौजी कि भुल्यूं पर टक्क भी व्हेकि खूब रौन्दि लगी, तबै सु नयी ब्योंलि दगणा खूब मजाक रौन्दु कन्न लग्यूं आखिर ह्वे थैं भी अपणी वृति बाणी चलौंण चा।

बल नयीं ब्योंलि का देखणा पौर यति उमाल किलै हौन्दु सभ्यूं का मन्न मा?………………बल् जैंकी मुखड़े अन्वार टिहरी की नथुलि से हो सजी, जैंका गौला मा गुलोबन्द या हार हो सज्यूं। जैंकी कनुड़ि मुरखल्यूंन या झुम्क्योंन हो चमक्यूं, जैंका हाथू मा स्वोना कि पौंछि हो थामी, जैंका खुट्यूं मा बिच्छुवा पैजबी हो छम्म छम्म बजणीं अर् जैंका मुंड मा कुमाऊनी रंग्याली पिच्छोड़ा हो ओड्यूं वीं ब्योंलि देखणु कु बल क्वी अपणी आतुर्या जिकुणि थैं थामी सकदु, कतै नि रोक सकदु…….!
लेख – हरदेव नेगी

 

7 thoughts on “Dear नयी-नयी ब्योंली”

  1. You’re just fantastic over your writing. Every word pushed me towards the emotions of newly Wed girl. Thank you so much for this context. Love it and thanks for using my picture for your this blog.

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