हिंदी कविता

मैं तुम्हें ढूंढने (Mai Tumhe Dhoondne)

मैं तुम्हें ढूंढने (Mai Tumhe Dhoondne)  मैं तुम्हें ढूंढने श्रीनगर बजार तक, रोज आता रहा, रोज जाता रहा, तुम बथौं सी मुझे, इधर उधर छकाती… Read More »मैं तुम्हें ढूंढने (Mai Tumhe Dhoondne)

कुछ एैंसी है गुप्तकाशी

सूरज की पहली किरणों संग, नयन भिगोते जहाँ के वासी. नीस जिसके बहती मंन्दाकिनी, वही नगरी है गुप्तकाशी. भोले बाबा के जयकारों से, गूंज उठती… Read More »कुछ एैंसी है गुप्तकाशी

इक बदली जब बदली – हिंदी कविता

इक बदली जब बदली, भला ये हवा कैंसे बदली.  पात पेड़ों के टूटे नहीं, केसू उनके उड़े नहीं. इक………….. कैंसे बदली। पंख फैलाये बैठे हैं, … Read More »इक बदली जब बदली – हिंदी कविता