“बस बींग जाते हैं पर बच्या नि पाते”

जब बटि हम् पहाड़ियों की चकमंद यूं शहरू की काख् ह्वे. वें दिन बटि हमरा गिच्चा बटि गढ़वलि कुमाऊनी भाषा बिरांणी ह्वे. या बात होर चा कि हम् जब गौं मा रौंदा छा सुबेर बटि ब्याखुन तलक अपढ़ी भाषा बांचदा छा. पर जै दिन बटि ब्वे बाबा शहरू मा बसिन. तौन ब्वोलि कि खबरदार जु गढ़वाली व कुमाऊनी भाषा मा बात करला. फंलड़ा का नौन्यालूं थैं ध्योखा क्या अंग्रेजी छन्न फुकपट कना. क्या ईं पहाड़ी भाषा थैं बच्यांण मा तुमथैं मिलालु अंग्रेजी सिखला त् ढंगे नौकरी भी मिल जाली अर् जरा द्वीं पैंसे इज्जत भि ह्वे जाली. तांका बाना ब्वे बाबा न् अंग्रेज़ी स्कूल मा पढ़ैन अर् दिन कु द्वी बार ट्यूशन भी लगै. ज्यैसे हम् भी अंग्रेजी मा छिपली गिच्चि कर सकुन. गढ़वाली ब्लोलि कैकी मवासी है कैन कति फरके अजौं तलक.

भै बंदो बात या छा कि पूरा भारत वर्ष मा सबसे जादा आज फिरंगि होंणे नग्ंवर्ती कै पर चड़ी चा स्या हम उत्तराखंड का मनख्यों पर चा. कोर्स करि, भैर बसीक, न्योता उपरस्योर (नेता-अफसर) ह्वोंणा बाद हम पर अंग्रेजी कु मसांण लगि जांदू अर् अगर हम अपणी भाषा मा बच्याला त् यांकु मतलब चा कि हम फुंड डौल्या छन्न. हमथें कुछ नि औंन्दू ना हम थैं द्वी पैंसा कु ज्ञान. पर जनि हम अंग्रेजी मा अपणु खबड़ू (गिच्चु) ख्वोलदन त् हम बराबर ज्ञानी-ध्यानि क्वै नि चा. गढ़वालि कुमौऊनि बाचला त् या सर्मे छ्वीं छन्न भै.

पंजाबी, बंगाली, गुजराती, बिहारी, मराठी, तेलुगु ब्वन् वाला पागल हुंय्यां त् क्या हमुन भी पागल होंण. या त् हम हिंदी फूकला या अंग्रेजी. गढ़वाली कुमाऊनी की छ्वीं हमरा समणि नि लगौंण. ना हम थैं या भाषा ब्वनै जरूरत चा. हम पढ़या लिंख्यां मनखि छन्न क्वै गंवार नि छन्न. हमरा दादा परदादा क्वै मनख्यूं गांणि मा छा ऊंथै भी भैर बसा जांण चैंद छों, जेसे कि औंण वालि जेनरेशन (पीढ़ी)भि स्मार्ट पैदा होंन्दि, यु पहाड़ों मा रैथें क्या पाई तौन?. ना ढंगे स्कूल ना क्वी सोसाइटी कु माहोल. क्या गढ़वाली कुमाऊनी बाची तैं तौन उपन्यासकार व इतिहासकार बंणिन?

अब जु लोग गढ़वाली अर् कुमाऊनी भाषा बचौणें शिक्षा छन्न देंणा सबसे पैलि अपणा नौन्यालूं थैं ढगे शिक्षा दया। जै काम से मवासी बणांलि. यु गायकूं यू संस्कृति का नच्वांणूं कु भी कुछ काम धाम नि चा रंयू अगर कुछ ढंगो पढ़ि लिखि जांदा आज यन्न नि रौन्दा ढबखंणा. तुमारी स्या भाषा तुमथैं राम राम. हमथैं हमारि अंग्रेज़ी कु सलाम. लेखहरदेव नेगी

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